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डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जीवनी Dr.bhimrao ambedkar biography in hindi


डॉ.भीमराव अम्बेडकर की जीवनी
डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म→ डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू, मध्यप्रदेश में हुआ था। इनके पिताजी का नाम रामजी सकपाल और माता का नाम भीमा बाई सकपाल था। रामजी और भीमाबाई सकपाल के अम्बेडकर चौदहवीं संतान थे। इनका परिवार अछूत समझने जाने वाली हिन्दू जाति से संबंधित थे। इनके पिता ब्रिटिश सेना में कार्यरत थे।  इनके पिता जी ने सन 1898 में दूसरी  शादी कर ली थी। दूसरी पत्‍नी का नाम जीजाबाई था।

डॉ भीमराव अम्बेडकर का जीवन संघर्ष और ...



भीमराव की शिक्षा व करियर

7 नवंबर 1900 को सातारा शहर में बने हुए गवर्न्मेण्ट हाईस्कूल में अंग्रेजी की पहली क्लास में दाखिला लिया। स्कूल में इनका नाम भिवा रामजी आंबेडकरलिखवाया गया और इसके बाद इन्‍होने आगे की पढाई पूरी की।

अम्बेडकर की शिक्षा कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लन्दन में हुई जहाँ पर उन्होंने अर्थशास्त्र में डिग्री प्राप्‍त की और समाजशास्त्र, इतिहास, दर्शनशास्त्र और मानव विज्ञान और वाणिज्य विषय पर अपना शोध कार्य भी प्रस्तुत किया।

भीमराव अम्बेडकर अपने जाति के पहले व्‍यक्ति थे जो कि इतनी पढाई किए सन् 1922 मे इन्‍हे ग्रेज ने बैरिस्‍टर की डिग्री प्राप्‍त की और वकालत मे प्रवेश किया।


संविधान निर्माण के प्रति कार्य

5 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस की सरकार बनी तो उसने भीमराव आम्बेडकर को देश का पहला कानून एवं न्याय मंत्री बनाया।

स्वतंत्र भारत के नए संविधान की रचना करने के लिए बनी संविधान मसौदा समिति के लिए भीमराव आम्बेडकर को 29 अगस्त 1947 को अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

भीमराव ने जो संविधान तैयार किया उसमें व्यक्तिगत नागरिकों के लिए नागरिक स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी और सुरक्षा प्रदान की गई। इसमें इन्होंने छुआछूत को खत्म करना, धर्म की आजादी और भेदभाव के सभी रूपों का खात्मा करना शामिल था।

370 अनुच्छेद जिसने जम्मू कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा दिया था इस अनुच्छेद का भीमराव आम्बेडकर ने विरोध किया था।

सरकार ने 2019 मे धारा 370 हटा दिया और कश्‍मीर राज्‍य पर भी भारत का संविधान लागू हो गया।

संविधान के वास्तुकार बाबासाहब ...


अम्बेडकर का निजी जीवन

बाबा साहेब ने दो विवाह किये थे लंबे समय तक बीमार रहने के बाद भीमराव की पहली पत्नी रमाबाई की मृत्यु 1935 में हो गई थी। 1940 के दौरान उनके पैरों में दर्द रहने लग गया इसके लिए वह इंसुलिन और होम्योपैथिक की दवाई लेने लग गए थे। इलाज के लिए वे मुंबई गए और वहां पर डॉक्टरों ने इनको कहा कि आपको एक ऐसे जीवन साथी की जरूरत है जो आपके लिए अच्छा खाना बना सके, आप की देखभाल कर सके और जिनको थोड़ा बहुत चिकित्सा का ज्ञान हो।

हॉस्पिटल में भीमराव की मुलाकात डॉक्टर शारदा कबीर से हुयी  और 15 अप्रैल 1948 को उन्होंने शारदा कबीर के साथ शादी कर ली।
अम्बेडकर जी का निधन

1948 में भीमराव आंबेडकर को डाईबिटिज़ जैसी लाइलाज बिमारी ने जकड लिया जो कि आगे चलकर उनकी मृत्यु का कारण बना आंबेडकर की मृत्यु वर्ष 6 दिसम्बर 1956 में नई दिल्ली में हुई थी।

आम्बेडकर जी का लोगों के लिए संदेश था शिक्षित बनो, संघटित बनो, संघर्ष करो

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